देश की राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं पर सबका समान अधिकार – मनोज तिवारी

Written by Gyanendra Giri

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार के जीटीबी अस्पताल में दिल्लीवासियों को इलाज में प्राथमिकता देने वाले आरक्षण सर्कुलर को खारिज करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज माननीय कोर्ट ने इसे गलत बताया और पुरानी व्यवस्था बरकरार रखने के आदेश दिए, मैं माननीय कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करता हूं जो कि गरीब जनता के हितों की रक्षा करने वाला है।

श्री तिवारी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री किसान आंदोलन पर राजनीति करते है, किसानों को दिल्ली में नहीं आने देने पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं लेकिन दूसरी तरफ कुछ दिनों पहले दिल्ली में गंभीर बीमारी का इलाज कराने आई एक बच्ची को इलाज करने से यह कहकर मना कर दिया जाता है कि उसके पास दिल्ली के नागरिक होने का आधार कार्ड नहीं है। यह दिल्ली के मुख्यमंत्री की कैसी असंवेदनहीनता है। यह कैसा दोहरा चरित्र है जो कि एक बच्चे की स्वास्थ्य अधिकारों का हनन करता है। मेरे अनुरोध पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उस बच्ची का इलाज सफदरजंग अस्पताल में कराया।

श्री तिवारी ने कहा की दिल्ली के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली कल्याणकारी आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में बाधित करने का काम किया जिसके तहत दिल्ली की गरीब जनता को मिलने वाली कल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका। इसके जिम्मेदार केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री का अपना अहम है जोकि दिल्ली की जनता के हितों के सामने आता है। केजरीवाल का भेदभाव वाला यह कानून दिल्ली में नहीं चलने वाला मेडिकल सेवाओं में दिल्ली के लोगों को आरक्षण देकर गरीब जनता से भेदभाव करना, स्वयं दिल्ली वालों को नामंजूर था। दिल्ली देश की राजधानी है और यहां पर सभी लोगों का स्वास्थ्य सेवाओं का समान अधिकार है।

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